(1).केंसर ऊतको की अनियनित्रत वृध्दि के कारण होता है।
(2).पेचित, एण्टअमीबा(परजीवी) नामक द्वारा फैलाया जाता है।
(3).बी0सी0जी0 का अर्थ है बैसिलस कैलेमिटी गुएरिंन है।
(4).मनुष्य में लिंग सहलग्न लक्षणों की वंशानुगति मुख्यत: एक्स गुणसूत्र से होती है।
(5).कुत्तें के काटने पर विषाणुओं के द्वारा हाइड्रोफोबिया रोग उत्पन्न होता है।
(6).सूक्ष्म जीवों की वृध्दि को नियनित्रत करने के लिए एल्कोहल का उपयोग किया जाता है।
(7).कुछ वायरस में आर0एन0ए0 होता है परन्तु डी0एन0ए0 नही इससे पता चलता है कि आर0एन0ए0 आनुवांशिकी जानकारी को वायरस में सम्प्रेषित करती है।
(8).मानव में गुर्दे का रोग कैडमियम के प्रदुषण से होता है।
(9).फ्लोरीन का सम्बन्ध दातों की विकृति के साथ है
(10).छिछले हैडपम्प से पानी पीने वाले लोगों को हैजा, टायफायड, एवं कामला रोग होने की सम्भावना होती है। प्लूओरोसिस नही होता है।
(11).हीमोफीलीया एक आनुवांशिक विकार है जो रक्त के स्पन्दन में कमी करता है।
(12).मलेरिया प्रोटोजोआ मादा एनाफ्लीज से फैलता है। मलेरिया से तिल्ली एवं आर0बी0सी0 प्रभावित होती है,
(13).पोलियो वायरस से फैलता है,
(14).तपेदीक जीवाणु से फैलता है,
(15).दाद कवक से फैलता है।
(16).फाइलेरिया से लसीका पर्व प्रभावित होती है, मस्तिष्क शोथ (ल्यूकीमिया) से मस्तिष्क प्रभावित होता है।
(17).श्वेतरक्ता (ऐनिसफेलाइटिस)से अस्थिमज्जा प्रभावित होता है।
(18).रक्त में शर्करा का उच्चस्तर एवं रक्त में इन्सुलिन की निम्न मात्रा मधुमेह से सम्बधित ऐसे लक्षण है। जो प्रोढो का सामान्य रोग है।
(19).विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार आज के समय में सर्वाधिक लोगो के प्राण यक्ष्मा (टी0बी0) रोग से जाते है।
(20).हदय धात के प्रमुख कारण क्रमश: है – तन्तुऊतक के चकते एवं कोलेस्ट्राल का बढ जाना , हदय धमनियों में रक्त के थक्के का पहुचना, वाहिका के आन्तरिक द्वारा का संर्कीण हो जाता , रक्त और आक्सीजन की अपर्याप्त पूर्ति ।
(21).हीमोफीलीया एक आनुवांशिक रोग है जिसका वहन स्त्रीयां करती है परन्तु प्रकृट पुरूषों में होता है।
(22).असुरक्षित पेयजल एवं बुरी सफार्इ व्यवस्था द्वारा विकासित देशों में उत्पन्न तीन संचरणीय रोग मलेरिया, तीव्रप्रवाहिका तथा शिस्टोसोमियासिस है।
(23).निमोेनिया फेफडों को प्रभावित करता है।
(24).पोलियो का वायरस शरीर में प्रवेश दूषित भोजन तथा जल से करता है।
(25).रियो वायरस एक ऐसा रोगाणु जो सामान्य जुकाम के लिए उत्तरदायी है!
(26).सूक्ष्म जीवाणुओं को सयुक्त सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखा जा सकता है।
(27).टि्रपल ऐण्टीजन (डी0पी0टी0) एक बच्चे केा डिफ्थीरिया, कुकुरखासी एवं टिटनेस को रोकने हेतु दी जाती है ।
(28).ब्रेन की बीमारी को र्इ0र्इ0जी0 से पहचाना जाता है।
(30).डी0सी0जी0 का टीका टी0बी0 की रोक थाम के लिए लगाया जाता है।
(31).प्लेग पीस्सुओं के काटने से फैलता है!
(32). फाइलेरिया मच्छरों से होता है!
(33).बेरीबेरी बिटामिन बी0 की कमी से होता है!
(34).टायफायड आंतों केा प्रभावित करता है।
(35).मिर्गी सांसर्गिक रोग होता है।
(36).आंत्र ज्वर जलवाहित होता है!
(37).गलसुआ(मम्प्स) आनुवांशिक रोग है!
(38).विटामिन ए की कमी से रतौंधी!
(39).बी1 की कमी से बेरीबेरी!
(40).विटामिन सी की कमी से स्कर्वी!
(41).विटामिन डी की कमी से रिकेटस बच्चो में तथा ओसिटयो मलेशिया वयस्को में होता है।
(42).एडवर्ड जेनर ने चेचक रोग के टीके की खोज की थी।
(43).जीवाणु तथा विषाणु के कारणवष संक्रामक रोग होते है।
(44).पशुओं का फुट एण्ड माउथ रोग जीवाणु के कारण हेाते है।
(45).खसरा रोग को एण्टीबायोटिक्स द्वारा ठीक नही किया जा सकता है।
(46).अल्जाइमर रोग में मानव शरीर का मश्तिष्क प्रभावित होता है।
(47).इंसुलिन की कमी से मधुमेह रोग होता है।
(48).निद्रा रोग नामक बीमारी टि्रपनोसोमा एक कोशिकीय जीव से होती है।
(49).निद्रा रोग फैलाने वाली मक्खी को सी सी मक्खी कहा जाता है!
(50).एक वर्णान्ध पुरूष का विवाह एक सामान्य स्त्री से होता है। जिसके माता पिता की दृशिट भी सामान्य थी उनके बच्चों की वर्णान्ध होने की सम्भावना 50 प्रतिशत हेागी यह एक वंशानुगत रोग है इस रोग में रोगी को हरे एवं लाल रंग की पहचान करने की क्षमता नही होती है।
(51).फाइलेरिया , कालाजार, स्लीपिंग सिकनेस, पीला बुखार सभी प्रेाटोजोआ (कीट) द्वारा फैलता है।
(52).जोडों में दर्द का एक कारण विटामिन सी की कमी होना है।
(53).भोजन में विटामिन डी की अधिकता से उच्च कैलिसयम अवशोषण बढ जाता है।
(54).एड्स एक्वायर्ड इम्यून डेफीषियन्सी सिन्ड्रोम वायरस के कारण होता है।
(55).शिशुओं में सूखा रोग विटामिन डी की कमी से होता है।
(56).पीलिया रोग यकृत को प्रभावित करता है।
47.डाउन सिन्ड्रोम नामक बीमारी में गुणसूत्रों की संख्या 21 हेाती है।
48.टायफाइड, हैजा एवं पेचिस रोग गृह मक्खी के द्वारा फैलाये जाते है।
49.फाइलेरियेसिस रोग क्यूलेक्स के द्वारा फैलाया जाता है।
50.मानव मलेरिया परजीवी के जीवन चक्र को ऐनाफ्लीज में सर्वप्रथम सैली ने खोजा था ।
51.डिफ्थीरिया रोग का प्रमुख लक्षण दम घुटना है इस रोग का सम्बंध कण्ठ से है।
52.इनफ्लूएंजा विषाणु द्वारा फैलता है।
53.जोडों का दर्द होने का कारण एक या अनेक सन्धियों में सूजन होना है।
(54).छिछले हैडपम्प से पानी पीने वाले लोगों को हैजा, टायफायड, एवं कामला रोग होने की सम्भावना होती है। प्लूओरोसिस नही होता है।
(55).हीमोफीलीया एक आनुवांशिक विकार है जो रक्त के स्पन्दन में कमी करता है।
(56).मलेरिया प्रोटोजोआ मादा एनाफ्लीज से फैलता है। मलेरिया से तिल्ली एवं आर0बी0सी0 प्रभावित होती है!
(57).पोलियो वायरस से फैलता है!
(58).तपेदीक जीवाणु से फैलता है,
(59).दाद कवक से फैलता है।
(60).फाइलेरिया से लसीका पर्व प्रभावित होती है, मस्तिष्क शोथ (ल्यूकीमिया) से मस्तिष्क प्रभावित होता है।
(61).श्वेतरक्ता (ऐनिसफेलाइटिस)से अस्थिमज्जा प्रभावित होता है।
(62).रक्त में शर्करा का उच्चस्तर एवं रक्त में इन्सुलिन की निम्न मात्रा मधुमेह से सम्बधित ऐसे लक्षण है। जो प्रोढो का सामान्य रोग है!!
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